“GULABO SITABO” फिल्मी रिव्यू|

आयुष्मान खुराना और अमिताभ बच्चन की फिल्म गुलाबो सिताबो हाय एक बड़ा धमाका|

जैसा कि हम सबको पता है इस समय पूरी दुनिया में लोग डाउन चल रहा है और खासकर भारत में तीन लाख कोरोनावायरस के मरीज अभी तक हैं इसी वजह से सिनेमा हॉल और कुछ चीजें अभी पर भी बंद रखी गई है ताकि लोगों को इस वायरस से बचाया जा सके|

इस लॉकडाउन में कोई भी नई फिल्म रिलीज नहीं हो रही है सरकार के आदेश अनुसार लेकिन ऐसे समय में हमारा ऑनलाइन प्लेटफॉर्म काफी तेजी से चल रहा है इसी वजह से गुलाबो सिताबो के डायरेक्टर ने हिम्मत करके इस फिल्म को अमेजॉन प्राइम पर निकालने का फैसला ले लिया था|

ऐमेज़ॉन प्राइम पर दे सकते हैं आप यह फिल्म|

13 जून को रिलीज की गई है यह फिल्म इस फिल्म को आप अमेजॉन प्राइम प्लेटफार्म पर देख सकते हैं|

वैसे तो इस फिल्म में दोनों ही कलाकार मुख्य कलाकार है लेकिन अमिताभ बच्चन के सामने हर कोई भी का ही पड़ जाता है इस फिल्म में भी कुछ ऐसा ही हुआ आयुष्मान खुराना जोकि अंधाधुन और आर्टिकल फिफ्टीन जैसी इतनी बड़ी फिल्म करने के बाद यह कुछ अलग हटके किया और इसमें भी यह परफेक्ट रहे लेकिन अमिताभ बच्चन के सामने यह थोड़ा हल्के ही पड़ गए|

क्या है फिल्म में जो इस फिल्म को इतना खास बनाती है|

यह फिल्म शुरू होती है अमिताभ बच्चन से जो कि लखनऊ शहर अमीनाबाद में रहते हैं और उनकी एक बहुत पुरानी हवेली है जिसको वह अपनी जान से भी ज्यादा प्यार करते हैं और उस हवेली में कुछ किराएदार रहते हैं जो कि बचपन से लेकर बड़ोती तक उसी हवेली में किराएदार बन कर रहे हैं|

आयुष्मान खुराना भी उन किरायेदारों में से एक हैं जिनकी अमीनाबाद में एक अच्छी आटे की चक्की है जिसे से वह अच्छा खासा पैसा बना लेते हैं लेकिन जब इनको किराया देने को आता है तो यह ना देने का उपाय बनाने लगते हैं
और किराए देने से बच जाते हैं|

अगर हम बात करें अमिताभ बच्चन की तो वह एक 80 साल के बूढ़े का किरदार कर रहे हैं जो अपने हवेली से इतना ज्यादा प्यार करता है कि वह मरने के बाद भी वही रहना चाहता है लेकिन उसके किराएदार जो पूरा बचपन उसकी हवेली में बिताए हैं वह अब उस हवेली को कब जाना चाहते हैं|

गुलाबो सिताबो फिल्म में अमिताभ बच्चन की एक ऐसी औरत से शादी होती है जिसकी उम्र से 17 साल बड़ी होती है ऐसा कैसे होता है यह तो आपको फिल्म देख कर ही पता चलेगी|

इस फिल्म को अपने परिवार के साथ जरूर देखना चाहिए|

गुलाबो सिताबो फिल्मों में आपको बीच-बीच में कुछ ऐसे चुटकुले सुनने को मिलेंगे जो कि आपको अंदर से गुदगुदा देंगे और आप खुलकर हंसने पर मजबूर हो जाएंगे इसी वजह से आपको इस फिल्म को पूरे परिवार के साथ देखना चाहिए और इस फिल्म में कुछ ऐसी बातें हैं जो कि आपको समाज की सच्चाई दिखा सकती हैं|

बचपन में आपने कठपुतली वाला खेल तो देखा ही होगा जिसमें कठपुतली की डोर किसी और के हाथ में होती है और वह जैसा चाहे वैसे उसको चलाता है इसी तरह कई बार हमें पता नहीं चलता है कि हम किसके इशारे पर और किसकी वजह से यह काम कर रहे हैं हम पैसा कमाने और दिखाने में इतने अंधे हो जाते हैं कि अपनी इंसानियत भी भूल जाते हैं इसी वजह से इस फिल्म को आपको जरूर देखना चाहिए जो अपने आप से सवाल पूछने पर मजबूर कर देगी और आपको अपनी सोसाइटी की थोड़ा सच्चाई दिखा सकती है|

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