2.97 लाख करोना मरीज के साथ भारत दुनिया का चौथा सबसे ज्यादा करो ना पीड़ित देश बन गया है|

भारत कैसे पहुंचा कुरौना की संख्या में चौथे स्थान पर स्थान पर स्थान पर|

आज भी दुनिया भर में बहुत से देश है जहां पर करोना मरीज की संख्या बढ़ती जा रही है और कुछ ऐसे देश भी है जहां पर यह संख्या घट रही है जैसे कि न्यूजीलैंड जहां पर आज के समय में एक भी कुरोना मरीज नहीं है जो कि काफी अच्छी बात है|

जब भारत में 500 ही करो ना मरे थे तभी तभी थे तभी भारत की सरकार ने भारत में लॉकडाउन लगा दिया था और पहला लॉकडाउन 21 दिन तक चला था इसी तरह कर के कुल 4 लोग डाउन डाउन लोग डाउन डाउन लोग डाउन डाउन कुल 4 लोग डाउन डाउन लोग डाउन डाउन लोग डाउन डाउन लगे लेकिन आज के समय में सब कुछ खोल दिया गया है और भारत में कोरोना मरीज की संख्या 2.97 लाख है है|

अगर हम बात करें तो इस समय एक अच्छी खबर भी है वह यह कि है वह यह कि वह यह कि जितनी ज्यादा क्रोना के मरीज बन रहे हैं उससे ज्यादा लोग सही हो रहे हैं तो यह एक काफी अच्छी खबर है और आज के समय में लगभग डेढ़ लाख के आसपास लोग सही भी हो चुके हैं हैं|

पूरी दुनिया में सबसे ज्यादा प्रभावित देश अमेरिका है जहां पर लगभग 100000 लोगों की मौत हो चुकी है और अगर हम बात करें आज के समय में तो अमेरिका एक और चीज से से जूझ रहा है जो कि वहां के लोगों का गुस्सा|

अभी कुछ समय से आप टैक्लाइफ मैटर का नाम सुनी का नाम सुनी रहे होंगे जो कि ऑस्ट्रेलिया में ऑस्ट्रेलिया में काफी जोरों शोरों से इसके ऊपर प्रोटेस्ट हो रहा है लोग अपने घर से निकलकर इसको पांडेमिक समय में भी लोग प्रोटेस्ट कर रहे हैं जो कि एक खतरनाक बाद एक खतरनाक बाद भी है लेकिन इसको जरूरी तब बना देता है जब वहां के प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप अपनी आर्मी को को ले आते हैं अपने लोगों को रोकने के लिए|

आज के समय में भारत में लगभग सारी चीजें खून की गई है सिर्फ सिनेमा और जिम को नहीं खोला नहीं खोला है और लगभग सभी चीजों को खोल दिया है इसी वजह से यह करो ना मरीज की संख्या और भी बढ़ती जा रही है|

हॉस्पिटल में बेड ना मिलने पर कोरोना मरीज की हुई मौत|

जैसे जैसे देश में कोरोनावायरस की संख्या बढ़ती जा रही है वैसे ही अस्पताल भरते जा रहे हैं और कुछ लोगों को हॉस्पिटल में सही से देखभाल भी नहीं हो पा रही है जिसकी वजह से बहुत से लोग ऐसे ही मर जा रहे हैं और हालत तो इतनी भी बुरी है कहीं कहीं पर बैठ ही नहीं नहीं ही नहीं नहीं पर बैठ ही नहीं नहीं ही नहीं नहीं मिल पा रहा है जिसकी वजह से लोग भी परेशान हो रहे हैं और कोरोना मरीज भी|

इस बीमारी से खुद ही बचे|

अभी इस समय कोरोना का कोई सटीक इलाज नहीं है लेकिन हमें जितनी सावधानी हो सकती है उतनी बरतनी चाहिए जब भी हम घर से बाहर निकले तो मुंह ढक कर और हाथ को भी कवर करके निकले और ध्यान रखें ना किसी से हाथ मिलाया और ना ही किसी चीज को छुए क्योंकि जितना हम सतर्क रहेंगे उतना ही चाहता हम इस बीमारी से लड़ पाएंगे अभी कुछ जगह मैं हालात ऐसे हैं|

मुंबई के एक मरीज का कोरोना बीर दो लाख के आसपास आया था|

कुछ समय पहले मुंबई से एक खबर आई जिसमें हर इंसान जिसमें हर इंसान आई जिसमें हर इंसान जिसमें हर इंसान हर इंसान को डरा दिया वह खबर यह थी कि एक कोरोनावायरस का मरीज अस्पताल इलाज कराने गया और जब उसका इलाज पूरा हुआ और वह ठीक हो गया तो उसका बिल दो दो लाख के आसपास पड़ा जो कि बहुत ही चौंकाने वाला था क्योंकि कोई भी इतना पैसा नहीं दे सकता जिसका कोई इलाज ही नहीं है लेकिन वह अस्पताल काफी कुछ दर्जे का अस्पताल था जिसमें अमीर लोग आते थे इलाज करा दे तो वह तो वह मरीज तो अपना दिल आसानी से झुका दिया लेकिन अगर कहीं आप आदमी गलती से उस हॉस्पिटल में चला जाता क्या वह इतनी बड़ी रकम चुका पाता|

बहुत से लोगों के लोगों के मन में तो यही डर लगा है कि अगर हम एक बार अस्पताल पहुंच गए तो ना जाने कितने खर्चे बढ़ जाएंगे और इसका तो कोई इलाज भी नहीं है जिसकी वजह से ना जाने कितने दिन अस्पताल में रहना पड़े इसी वजह से बहुत से लोग तो बताते भी नहीं है कि उन्हें कोरोनावायरस की चपेट में आ गए हैं|

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